ब्लॉग छत्तीसगढ़

27 March, 2011

ब्‍लॉगर का नया गैजट : फालो बाई ई मेल

ब्‍लॉगर डाट काम नें अब ब्‍लॉग पोस्‍टों को पाठकों तक सीधे पहुंचाने के उद्देश्‍य से एक नया गैजैट पिछले दिनों प्रस्‍तुत किया है। Follow by Email नाम का यह गैजैट फीडबर्नर के द्वारा प्राप्‍त पोस्‍ट के फीड को हमारे पाठकों के मेल बाक्‍स पर पब्लिश करते ही पहुंचाने में सहायक होगा। 
यह गैजैट लगभग उसी प्रकार है जिस प्रकार हम फीडबर्नर के ई मेल सब्‍सक्रिप्‍शन गैजैट कोड को जनरेट कर अपने ब्‍लाग में लगाते हैं। फीडबर्नर के इस कोड को प्राप्‍त करना एवं इसे अपने ब्‍लॉग में लगाने की प्रक्रिया कई ब्‍लॉगर बंधुओं के लिए किंचित कठिन काम होता है। जबकि इस नये Follow by Email गैजैट को सिर्फ एड करने मात्र से यह गैजैट हमारे ब्‍लॉग में जुड़ जाता है। 
Follow by Email गैजैट में दिए रिक्‍त स्‍थान में यदि हमारा कोई पाठक अपना ई मेल आईडी डाल कर उसे सम्बिट करता हैं तो, उसके बाद से हमारा प्रत्‍येक पोस्‍ट नियमित रूप से उस पाठक को उसके ई मेल बाक्‍स में मिलना आरंभ हो जाता है। इस सुविधा से पाठकों को बार-बार हमारे ब्‍लॉग पर आने की आवश्‍यकता नहीं पड़ती और वे अपने ई मेल बाक्‍स में ही हमारे पोस्‍टों को पढ़ लेंते हैं। 
..... यद्धपि मेल से पढ़ने वाले पाठक आपके ब्‍लॉग के 
हिट काउंटर की संख्‍या नहीं बढ़ा पायेंगें। 
अधिकतम फीड रीडर ब्‍लॉग पर आकर टिप्‍पणी भी नहीं करते हैं, 
जिसके कारण ब्‍लॉग लेखक को पता नहीं चल पाता कि कौन पाठक मुझे पढ़ रहा है। 
इन दोनों कारणों से टिप्‍पणी प्रेमी और रेंकिंग प्रेमी ब्‍लॉगरों को 
निराशा होगी। 
... किन्‍तु धुरंधर लिख्‍खाड़ ब्‍लॉगरों का भी मानना है कि 
पाठक ही हमारे लिए सर्वोपरि है।


आईये देखें हम Follow by Email गैजैट को अपने ब्‍लॉग में कैसे एड कर सकते हैं। ब्‍लॉगर में लागईन होंवें - डैशबोर्ड में - डिजाईन को क्लिक करें - पेज एलीमेंट में एड ए गैजैट क्लिक करें - यहां पहला गैजैट Follow by Email का है, इस प्रकार -

इसे एड कर लेवें और अपने ब्‍लॉग के साईडबार में लगा देवें। ब्‍लॉग में गैजैट कुछ ऐसा दिखेगा -
टिप्‍पणियों और हिट-रैंकिंग का मोह छोडि़ये, Follow by Email गैजैट अपनाईये.  

5 comments:

  1. हमारी रेंकिंग में आप टाप पर हैं आपको अमके ढमके फलाने ढेकाने से क्या :)

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  2. बधाई हो भैया, नोबल ब्लॉगर के। अईसने पुरस्कार चलत रहिथे त ब्लॉगिंग के मंजा घलो आथे, नहीं त बिन नून अऊ मही के बासी नई मिठाई, संग मा आमा अऊ लिमऊ के अथान हो गे त झन पूछ्। चोला गद हो जथे :)

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  3. आभार, हम भी कर लेते हैं।

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  4. यदि आप सोर्ट फीड देंगे तो पाठक को आपके ब्लॉग पर आकार ही लेख पढ़ना पड़ेगा|

    क्या आपने अपने ब्लॉग में "LinkWithin" विजेट लगाया ?

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  5. वेरी गुड
    www.rsdiwraya.com
    www.rsdiwraya.blogspots.com
    पर देखेँ।

    ReplyDelete

आपकी टिप्पणियों का स्वागत है. (टिप्पणियों के प्रकाशित होने में कुछ समय लग सकता है.) -संजीव तिवारी, दुर्ग (छ.ग.)

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