जी हॉं, छत्तीसगढ़ की प्रखर और मुखर कवियत्री पूनम के ब्लॉग का यही नाम है। ब्लॉग शीर्षक यद्धपि कहता है कि 'कहने को क्या है ..?' किन्तु कुल जमा चार पोस्टों में जन संस्कृति मंच से जुड़ी पूनम जी की धारदार कवितायें बहुत कुछ कहती हैं।
कहने को कुछ नहीं है कहने वाली पूनम की कवितायें क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती हैं और उसपर व्यापक चर्चा - विमर्श भी होता है। हमारे लगातार अनुरोध के बाद पूनम जी नें अपना ब्लॉग बनाया है, आगे वे इसे नियमित रखेंगी ऐसी आशा है ...
आईये उनकी कविताओं पर हम भी कुछ कहें ... 'कहने को क्या है ..?'
इस चित्र को क्लिक करके आप पूनम जी के ब्लॉग में जा सकते हैं.
