ब्लॉग छत्तीसगढ़

24 September, 2007

24 सितम्‍बर विश्‍व हृदय दिवस : क्‍या धडकता है आपका भी दिल





भारत में भी अब कम उम्र के लोग बडी तेजी से हृदयाघात से शिकार हो रहे हैं । भारी तादात में एंजियोग्राफी और बाईपास सर्जरी की जा रही है । बस थोडी सी सतर्कता से रख सकते हैं आप अपने दिल को चुस्‍त दुरूस्‍त ।

दिल का सबसे बडा दुश्‍मन है, स्‍ट्रेस । स्ट्रेस से बचना आसान नहीं है । स्‍ट्रैस के कारण मस्तिष्‍क से जो जैव रसायन स्‍त्रावित होते हैं, वे हृदय की पूरी प्रणाली को खराब कर देते हैं । स्‍ट्रैस से उबरने में भारतीय पारंपरिक योग चिकित्‍सा सौ प्रतिशत कारगर है ।

स्‍ट्रैस से उबरने में 'भ्रामरी प्राणायाम' एक चमत्‍कार की तरह कार्य करता है । हृदय को स्‍वस्‍थ रखने में ध्‍यान, धारणा प्रार्थना, सत्‍संग, मुद्रा आदि का भारी योगदान है । यह वैज्ञानिक शोधों से साबित हो चुका है कि आध्‍यात्मिक जीवन प्रणाली हृदय को स्‍वस्‍थ रखने की सबसे ठोस गारंटी है । बाईपास एवं एंजियोप्‍लास्‍टी आपको केवल लक्षणो से निजात दिलाती है । यह पुन: हार्ट अटैक नहीं होने की गारंटी नहीं है ।

तो हो जाएं तैयार आज विश्‍व हृदय दिवस है आज से भ्रामरी को अपने नित्‍यकृयाकलाप में कर लेवें शामिल ।




10 comments:

  1. अच्छी जानकारी दी. भ्रामरी प्रणायाम शुरु किया जायेगा यथाशीघ्र.

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  2. समीर जी से सहमत। अब एक पोस्ट भ्रामरी प्राणायाम पर आनी चाहिये।

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  3. जानकारी देने का शुक्रिया और हाँ इंतज़ार रहेगा भ्रामरी प्राणायाम वाली पोस्ट का।

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  4. achchi jankari deti hui post.aabhar.

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  5. संजीव जी इस खूबसूरत पोस्ट की चर्चा कर डाली गई है।

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  6. आज आपका दिल धड़क रहा है नई पुरानी हलचल में यकीन नही तो खुद ही देखिये...  चर्चा में आज नई पुरानी हलचल

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  7. बहुत ही अच्छी और उपयोगी जानकारी दी आपने।

    सादर

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  8. “सैर और व्यायाम हो, प्रतिदिन पुष्ट ह्रदय
    तन मन आनंदित रहे, रहता स्वस्थ समय”

    सुन्दर आलेख... ह्रदय दिवस पर सबके स्वास्थ्य की कामना....
    सादर...

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  9. ह्दय का क्या करें जी....इमोश्नल अत्याचार तो बहुत हो चुका इस पर ....अब सोच रहे हैं कि बाकी अत्याचार बंद कर दें।

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आपकी टिप्पणियों का स्वागत है. (टिप्पणियों के प्रकाशित होने में कुछ समय लग सकता है.) -संजीव तिवारी, दुर्ग (छ.ग.)

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