ब्लॉग छत्तीसगढ़

Popular Posts

31 December, 2012

खाय बर खरी बताए बर बरी

छत्तीसगढ़ी के इस मुहावरे का अर्थ है रहीसी का ढ़ोंग करना. इस मुहावरे में प्रयुक्त 'खरी' और 'बरी' दोनो खाद्य पदार्थ हैं, आई...

30 December, 2012

एती के बात ला ओती करना

इस छत्तीसगढ़ी मुहावरे का अभिप्राय है चुगली करना (Backbite). इस मुहावरे में प्रयुक्त छत्तीसगढ़ी के दो अहम शब्दों का विश्लेषण करते हैं, 'ए...

29 December, 2012

अड़हा बईद परान घाती

यह कहावत हिन्दी कहावत नीम हकीम खतरे जान का समानार्थी है, जिसका अभिप्राय है : अनुभवहीन व्यक्ति के हाथों काम बिगड़ सकता है. अब आईये इस छत्तीसग...

28 December, 2012

'कोटकोट' और 'परसाही' Chhattisgarhi Word

पिछली पोस्ट के लिंक में पाटन, छत्तीसगढ़ के मुनेन्द्र बिसेन भाई ने फेसबुक Facebook में कमेंट किया और मुहावरे को पूरा किया ' कोटकोट ले ...

27 December, 2012

उछरत बोकरत ले भकोसना

छत्‍तीसगढ़ी के इस मुहावरे का भावार्थ है सामर्थ से अधिक खाना. आईये इसमें प्रयुक्‍त छत्‍तीसगढ़ी शब्‍दों का अर्थ समझने का प्रयास करते हैं. ...

26 December, 2012

आन के खाँड़ा आन के फरी खेदू नांचय बोइर तरी

छत्तीसगढ़ी के इस लोकोक्ति का मतलब है मांगी गई वस्तु पर मजे करना. इस लोकोक्ति में प्रयुक्त छत्तीसगढ़ी शब्द 'आन', 'खाँड़ा', &...

25 December, 2012

ओरवाती के पानी बरेंडी नई चढ़य

छत्‍तीसगढ़ी के इस लोकोक्ति का अर्थ है 'असंभव कार्य संभव नहीं होता'. इस लोकोक्ति में प्रयुक्‍त दो शब्‍दों का अर्थ जानने का प्रयास ...

24 December, 2012

काबर झँपावत हस

छत्तीसगढ़ी के इस कहावत का मतलब है 'खतरा मोल क्यूं लेते हो'. इस कहावत में दो छत्तीसगढ़ी शब्दों को समझना होगा, 'काबर' और &#...

23 December, 2012

चोर ले मोटरा उतियइल (उतयइल)

छत्तीसगढ़ी के इस कहावत का अर्थ है 'वह उतावला होकर काम करता है'. राहुल सिंह जी इसे स्‍पष्‍ट करते हैं - इस तरह कहें कि मोटरा, जिसे...

22 December, 2012

अम्मट ले निकल के चुर्रूक मा परगे

छत्तीसगढ़ी में यह मुहावरा (Phrase) हिन्दी के आसमान से गिरे खजूर में अटके (Falling from the sky stuck in palm) वाले मुहावरे के स्थान पर ...

21 December, 2012

छत्‍तीसगढ़ी गज़ल संग्रह ‘मोर गज़ल के उड़त परेवा’ : (II)

पिछले पोस्‍ट का शेष ..   नवोदित राज्‍य छत्‍तीसगढ़ में तेजी से हो रहे विकास की आड़ में मानवता विनाश की ओर अग्रसर होती जा रही है। बढ़त...

20 December, 2012

आंचलिक भाषा का सर्वश्रेष्‍ठ गज़ल संग्रह ‘मोर गज़ल के उड़त परेवा’ (I)

प्रादेशिक भाषाओं में गज़ल कहने के समक्ष चुनौतियों को स्‍वीकार करते हुए मनोज भावुक ने जब भोजपुरी में गज़ल संग्रह प्रकाशित करवाया और यह ...

19 December, 2012

चेरिहा के पेट म पानी नइ पचय

छत्तीसगढ़ी के इस मुहावरे का अर्थ है चुगलखोर के पेट में बात नहीं पचती. इस मुहावरे में जिन छत्तीसगढ़ी शब्दों का प्रयोग हुआ हैं उनमें से '...

18 December, 2012

अलकरहा के घाव अउ ससुर के बैदी

छत्तीसगढ़ी में कई ऐसे मजेदार शब्द हैं जिसका प्रयोग छत्तीसगढ़ के हिन्दी भाषी लोग भी कभी कभी करते हैं और उस शब्द का आनंद लेते हैं. इनमें से कु...

मोर भाखा संग दया मया के सुघ्‍घर हवय मिलाप रे ...

छत्‍तीसगढ़ उच्‍च न्‍यायालय के मुख्‍य न्‍यायाधीश न्‍यायमूर्ति यतीन्‍द्र सिंह छत्‍तीसगढ़ उच्‍च न्‍यायालय के मुख्‍य न्‍यायाधीश न्यायमूर्...

15 December, 2012

संस्कृत वाङ्मय में कामशास्त्र की परम्परा

जयतु संस्कृतम् । वदतु संस्कृतम् । पठतु संस्कृतम् । लिखतु संस्कृतम् ॥ का नारा इंटरनेट में बुलंद करने वाले बहुत कम लोग ही सक्रिय हैं जिसमें ...