16 मई, 2007

एडवांटेज छत्तीसगढ : विजन २०१०


दैनिक भास्कर समूह नें आज छत्तीसगढ में एडवांटेज छत्तीसगढ विजन २०१० का वितरण छत्तीसगढ के प्रमुख व्यक्तियों को किया इस बहुप्रतिक्षित पुस्तक का छत्तीसगढ के प्रबुद्ध जनता एवं छत्तीसगढ के विकास में सहभागिता साबित करने वालों को बेसब्री से इंतजार था तेजी से बढते अखबार दैनिक भास्कर नें छत्तीसगढ सहित पूरे देश में अपनी व्यावसायिक क्षमता एवं पत्रकारिता के बल पर प्रकाशन की ऐसी श्रृखला को रचा है जो किसी समाचार पत्र की बढती लोकप्रियता का स्पष्ट उदाहरण है । देश की जनता में बेहद लोकप्रिय हो चुके अखबार के द्धारा छत्तीसगढ के विकास से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज के प्रकाशन, जिसके संबंध में रोज बडे बडे विज्ञापन छापे जा रहे थे, को पढने के लिए लोग उत्सुक थे जिसका इंतजार आज खत्म हो गया ।

अन्य व्यक्तियों के साथ ही भिलाई भास्कर के द्धारा मेरे संगठन को यह विजन स्टेटमेंट आज प्राप्त हुआ । बहुप्रतीक्षित एवं बहुचर्चित होने के कारण मैं इसे हांथ में आते ही चट कर गया क्योंकि बहुत ही आकर्षक तरीके से बाइंडिंग और ग्लैजड A4 पेपर में रंगीन मुद्रित १०० पेज का यह स्टेटमेंट छत्तीसगढ के विकास की गाथा कहने को बेताब दिख रहा था ।

हम उससे प्राप्त जानकारी को आपको भी परोस रहे हैं वैसे मेरे पत्रकार एवं पत्रकार टाईप चिटठाकार भाईयों को दिल्ली व छत्तीसगढ में कल भास्कर नें स्वयं ससम्मान परोस दिया था । वैसे इस किताब को भास्कर नें उच्चवर्गीय अधिकारी, प्रमुख व्यवसायी एवं उद्योगपतियों को ही नि:शुल्क उपलब्ध कराया है इस कारण प्रदेश की जनता विजन से अनभिज्ञ है इस कारण हम इसे यहां पर पोस्ट कर रहे हैं यह विजन मुल रूप से अंग्रेजी भाषा में है क्योंकि यह उसी भाषा के जानकार लोगों के पढने के लिए है फिर भी मैं अपने अल्प अंग्रेजी ज्ञान के आधार पर उसका भावार्थ प्रस्तुत कर रहा हूं, इस लेख में विजन स्टेटमेंट के अतिरिक्त मेरे स्वयं के विचार भी धुसपैठ कर गये हैं । जन्म से ब्राह्मण होने के कारण किसी किताब के संबंध में बतलाते हुए स्वाभाविक परंपरागत स्वभाव की झलक इस लेख में दिखे तो उसे इग्नोर करेंगे ।

राज्य में पूंजी निवेश की संभावनाओं को मूर्त रूप देने के उद्देश्य से सरकार प्रायोजित इस विजन में वो सब है जो किसी निवेशक को लुभा सकता है वैसे रमन सरकार के सत्ता में आते ही अमेरिका के छ.ग.एन.आर.आई.एसोसियेशन का गठन हुआ था और मुख्यमंत्री स्वयं इन्ही संभावनाओं को टटोलते हुए अमेरिका का दौरा कर आये थे एवं संगठन के अघ्यक्ष पटेल जी भी इसी पर केन्द्रित अपना छत्तीसगढ दौरा किये पर अमेरिका के अनिवासीय छत्तीसगढिया, छत्तीसगढ में ढेला भर भी निवेश नही कर पाये । हमें संभावनाओं एवं आशाओं का डोर थामें रहना है क्योकि यही तो जीवन को सुखमय बनाता है ।

छत्तीसगढ शासन के गुणगान से ओतप्रोत इस स्टेटमेंट के कुल जमा ९४ अघ्याय में पहले अघ्याय Baby Steps for Big Leaps से लेकर नवम अघ्याय नगर पालिक निगम दुर्ग तक छ ग शासन से संबंधित विकास की जानकारी एवं भविष्य की योजनाओं का लेखाजोखा है बाकी के अघ्याय छत्तीसगढ में औद्योगिक एवं व्यावसायिक घरानों के छत्तीसगढ के विकास में योगदान पर केन्द्रित है ।

आधारभूत उपलब्ध जानकारी के साथ शासन के विकास हेतु नियत ऐजेंडे को बताते हुए भास्कर नें जो लिखा है वह छत्तीसगढ के विकास में रूचि रखने वालों के लिए वास्तव में एक संग्रहणीय दस्तावेज है । नये नवेले राज्य छत्तीसगढ नें अपने गठन के बाद जिस तरह से विकास किया है उसका आधार इसके थाती में भंडारित अकूत खनिज संपदा व औद्योगीकरण की अपार संभावना सहित राज्य की औद्योगिक नीति है इन दोनों हथेलियों नें राज्य निर्माण के बाद जिस तरह से ताल मिलाया है उससे ही छत्तीसगढ में विकास के रास्ते खुले हैं । यहां पर मैं बस्तर को शामिल नही कर रहा हूं पर सरकार अपने विजन स्टेटमेंट में इसे अलग नही मानती ।

विजन २०१० में भास्कर पावर हब छत्तीसगढ के बारे में दी गयी जानकारी में छत्तीसगढ राज्य विद्युत मंडल के अघ्यक्ष राजीब रंजंन के हवाले से कहता है कि राज्य में वर्तमान विद्युत आवश्यकता १८५० मे.वा.से २३०० मे.वा. की है जिसमें से अप्रैल व मई माह में यह आवश्यकता बढकर २५०० मे.वा. तक पहुच जाती है मंडल वर्तमान में राज्य की समस्त आवश्यकताओं की पूर्ती कर रही है यद्यपि उसकी वर्तमान संस्थपित क्षमता १४२४ मे.वा. ही है। पावर फाईनेंस कारपोरेशन के अनुमान से छत्तीसगढ में ११६००० मे.वा. बिजली अगले ३५ वर्षों तक प्राप्त की जा सकती है ३५००० मे.वा. प्रति वर्ष के हिसाब से यदि उत्पादित की जाय तो अगले १०० वर्षों तक यह निरंतरता बनी रह सकती है । छत्तीसगढ में पनबिजली परियोजनाओं की भी संभावनायें ३००० मे.वा. की है जिसमें से कुछ परियोजनायें योजना स्तर में हैं तो कुछ अपने उत्पादन स्तर में है कुल मिलाकर यदि देखा जाये तो राज्य में बिजली की समस्या अगले दस वर्षों तक नही आने वाली है । ग्यारहवें पंचवर्षीय योजना की समाप्ति वर्ष २०११ तक राज्य में संभावित औद्योगीकरण को देखते हुए ३७०० से ४००० मे.वा. की आवश्यकता राज्य को होगी जिसकी पूर्ती मंडल सामान्य रूप से कर सकेगी यह आंकडे राज्य में नित नये निवेश को प्रोत्साहन तो देगा ही साथ में प्रदेश के बहुमुखी विकास का बाट जोह रहे नागरिकों के हृदय में नये उर्जा का संचार भी करेगा।

राज्य में विकास के मूलभूत तत्वों में बिजली के अतिरिक्त सडक परिवहन की भी अहम आवश्यकता होती है इसके लिए भी राज्य में उल्लेखनीय कार्य किये गये हैं लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत व सचिव एम.के.राउत के हवाले से भास्कर नें लिखा है कि राज्य नें केन्द्रीय परियोजनाओं व विभिन्न अन्य कार्यक्रमों के अनुसार पूरे राज्य में सडकों का जाल बिछा दिया है अब छत्तीसगढ में एक कोने से दूसरे कोने तक परिवहन की सुगम व सरल व्यवस्था है । शहरी विकास की काया तो राज्य निर्माण के पश्चात पूरी ही पलट चुकी है नगरीय प्रशासन के सचिव व ग्रामीण स्कूल स्तर पर ई शिक्षण के विकास के पुरोधा सी. के. खेतान राज्य के शहरों के विकास के लिए कृतसंकल्पित हैं । नगरीय प्रशासन की बागडोर सम्हाले मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह नें राज्य के नगरों के विकास हेतु जिस तरह से खजाने का मुंह खोला है वह रायपुर, बिलासपुर व दुर्ग में स्पष्ट नजर आता है । विजन स्टेटमेंट में रायपुर के महापौर सुनील सोनी व दुर्ग के महापौर सरोज पाण्डेय की यशोगाथा का भी वर्णन है जिसको नगर की जनता प्रत्यक्ष अनुभव कर रही है ।

छत्तीसगढ राज्य पूरे विश्व में धान के कटोरे के रूप में प्रसिद्ध है इसी क्रम में दसवे अध्याय में प्राउड टू बी लीडर्स के छत्तीसगढ के नामी गिरामी आर्थिक क्षेत्र के व्यक्तियों व संस्थाओं पर केन्द्रित लेखों में सबसे पहले छत्तीसगढ राईस मिल एशोसियेशन के अघ्यक्ष योगेश अग्रवाल को प्रस्तुत करते हुए भास्कर नें बतलाया है कि छत्तीसगढ में ७५ लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन होता है जो राज्य के लिए गर्व की बात है योगेश अग्रवाल जी कौन है यह छत्तीसगढ के लोग जानते हैं इनका नाम प्रथम पंक्ति में होना ही चाहिए क्योंकि धान हमारी अस्मिता है। इस स्टेटमेंट में जिन महानुभावों को शामिल किया गया है वे इस प्रकार हैं -

छत्तीसगढ का गहना सिटी माल ३६ के संजय गुप्ता जी जिन्होंने छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर में महानगरों के तर्ज पर ४ स्क्रीन आईओनेक्स मल्टीप्लेक्स जिसकी क्षमता १४०० व्यक्तियों की होगी व ३.५ लाख वर्ग फिट में संपूर्ण आधुनिक सुविधओं से युक्त सिटी माल को मूर्त रूप देने का जिम्मा व जजबा को सम्हाला है ।

अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स के उल्लेख के बिना सचमुच यह विजन स्टेटमेंट अधूरा हो जाता इस परिवार नें आभूषणों के व्यवसाय को जिस ढंग से स्थापित किया है वह औद्योगिक घरानों से कम नही है इस परिवार नें रायपुर में आभूषणों के निर्माण उसकी व्यावसायिकता, रत्न साजी के जो पाठ्यक्रम की शुरूआत की है उसका डंका सूरत से लेकर पूरे विश्व में है । ज्वेलर्स में सन एन्ड सन के राजेन्द्र शर्मा, महावीर अशोक के प्रवीण वूरड व कमलेश वूरड का भी नाम भुलाया नही जा सकता ।

छत्तीसगढ के विकास में अग्रणियों में से औद्योगीकरण के सूत्रधार छत्तीसगढ उद्योग महासंघ के महेश कक्कड जी, छत्तीसगढ में कैंसर चिकित्सा के क्षेत्र में कार्यरत डा.खण्डूजा, पांच सितारा भव्य होटेल के संचालकों में सेलेब्रेशन के हरमीत सिंह होरा व कमलजीत सिंह होरा, अतिउच्चस्तरीय विलासिता संसाधनों से भरपूर होटल बेबीलोन के जगजीत सिह खुराना व परमजीत सिंह खुराना, दिशा एजूकेशन सोसायटी के एस.के.जैन, रूगटा इंजीनियरींग कालेज के रूंगटा परिवार, हीरा सोप से हीरा ग्रुप आफ इंडस्ट्रीज के बी.एल.अग्रवाल जिन्होनें साबुन बनाने से लेकर गोदावरी पावर एण्ड स्पात सहित दस उद्योगों को खडा कर दिया, नीको ग्रुप के बसंतलाल अग्रवाल जिन्होंने छत्तीसगढ में सर्वप्रथम भारी लौह उद्योग स्थापित किया,जिन्दल ग्रुप के नवीन जिन्दल जी के योगदान को छत्तीसगढ में भुलाना मुश्किल है नीको ग्रुप के बाद जिन्दल नें ही छत्तीसगढ में लौह उद्योगों को नवीन दशा व दिशा प्रदान किया, जिन्दल ग्रुप के बाद मोनेट ग्रुप नें भी राज्य में लौह उद्योग के साथ साथ विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में जो प्रयास किया है उसे उल्लेख करना आवश्यक है, पावर व स्टील के पुरोधाओं में पाटनी प्रोजेक्ट के अमित पाटनी, रायपुर एलाज के कमल सारडा, सिम्पलेक्स ग्रुप के एच.बी.शाह सहित राज्य के बोर्डिंग स्कूल युगांतर के सुशील कोठारी को भी इस विजन स्टेटमेंट में स्थान दिया गया है ।

छत्तीसगढ के बस्तर में लौह उद्योग लगाने के लिए प्रयासरत टाटा ग्रुप के पितामह जमशेद जी नुसरवानजी टाटा का नाम भी इस स्टेटमेंट में दिया गया है जिसे हम विजन २०१० के लिये अग्रिम में दिया गया समझते हुए इस कथा को यहीं समाप्त करते हैं ।

अथ श्री बीजेपी प्रायोजित विज्ञापन दाताओं को महिमामंडित करने के उद्देष्य से भास्कर विरचित एडवांटेज छत्तीसगढ विजन २०१० पुराणे सम्पन:

1 टिप्पणी:

  1. ह्म्म, ऐसा प्रतीत होता है कि इसमें सिर्फ़ वर्तमान व भावी विज्ञापन दाताओं का गुणगान किया गया है

    जवाब देंहटाएं

आपकी टिप्पणियों का स्वागत है. (टिप्पणियों के प्रकाशित होने में कुछ समय लग सकता है.) -संजीव तिवारी, दुर्ग (छ.ग.)

Featured Post

दुर्ग जिले में पहली चुनाव याचिका

दुर्ग ग्रामीण के रूप में उस समय दुर्ग से लगे ग्राम कुथरैल विधानसभा सीट था। दूसरे चुनाव में यह सीट भिलाई के रूप में परिसीमित हुआ था। उस समय क...

लेबल

संजीव तिवारी की कलम घसीटी समसामयिक लेख अतिथि कलम जीवन परिचय छत्तीसगढ की सांस्कृतिक विरासत - मेरी नजरों में पुस्तकें-पत्रिकायें छत्तीसगढ़ी शब्द Chhattisgarhi Phrase Chhattisgarhi Word विनोद साव कहानी पंकज अवधिया सुनील कुमार आस्‍था परम्‍परा विश्‍वास अंध विश्‍वास गीत-गजल-कविता Bastar Naxal समसामयिक अश्विनी केशरवानी नाचा परदेशीराम वर्मा विवेकराज सिंह अरूण कुमार निगम व्यंग कोदूराम दलित रामहृदय तिवारी अंर्तकथा कुबेर पंडवानी Chandaini Gonda पीसीलाल यादव भारतीय सिनेमा के सौ वर्ष Ramchandra Deshmukh गजानन माधव मुक्तिबोध ग्रीन हण्‍ट छत्‍तीसगढ़ी छत्‍तीसगढ़ी फिल्‍म पीपली लाईव बस्‍तर ब्लाग तकनीक Android Chhattisgarhi Gazal ओंकार दास नत्‍था प्रेम साईमन ब्‍लॉगर मिलन रामेश्वर वैष्णव रायपुर साहित्य महोत्सव सरला शर्मा हबीब तनवीर Binayak Sen Dandi Yatra IPTA Love Latter Raypur Sahitya Mahotsav facebook venkatesh shukla अकलतरा अनुवाद अशोक तिवारी आभासी दुनिया आभासी यात्रा वृत्तांत कतरन कनक तिवारी कैलाश वानखेड़े खुमान लाल साव गुरतुर गोठ गूगल रीडर गोपाल मिश्र घनश्याम सिंह गुप्त चिंतलनार छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग छत्तीसगढ़ वंशी छत्‍तीसगढ़ का इतिहास छत्‍तीसगढ़ी उपन्‍यास जयप्रकाश जस गीत दुर्ग जिला हिन्दी साहित्य समिति धरोहर पं. सुन्‍दर लाल शर्मा प्रतिक्रिया प्रमोद ब्रम्‍हभट्ट फाग बिनायक सेन ब्लॉग मीट मानवाधिकार रंगशिल्‍पी रमाकान्‍त श्रीवास्‍तव राजेश सिंह राममनोहर लोहिया विजय वर्तमान विश्वरंजन वीरेन्‍द्र बहादुर सिंह वेंकटेश शुक्ल श्रीलाल शुक्‍ल संतोष झांझी सुशील भोले हिन्‍दी ब्‍लाग से कमाई Adsense Anup Ranjan Pandey Banjare Barle Bastar Band Bastar Painting CP & Berar Chhattisgarh Food Chhattisgarh Rajbhasha Aayog Chhattisgarhi Chhattisgarhi Film Daud Khan Deo Aanand Dev Baloda Dr. Narayan Bhaskar Khare Dr.Sudhir Pathak Dwarika Prasad Mishra Fida Bai Geet Ghar Dwar Google app Govind Ram Nirmalkar Hindi Input Jaiprakash Jhaduram Devangan Justice Yatindra Singh Khem Vaishnav Kondagaon Lal Kitab Latika Vaishnav Mayank verma Nai Kahani Narendra Dev Verma Pandwani Panthi Punaram Nishad R.V. Russell Rajesh Khanna Rajyageet Ravindra Ginnore Ravishankar Shukla Sabal Singh Chouhan Sarguja Sargujiha Boli Sirpur Teejan Bai Telangana Tijan Bai Vedmati Vidya Bhushan Mishra chhattisgarhi upanyas fb feedburner kapalik romancing with life sanskrit ssie अगरिया अजय तिवारी अधबीच अनिल पुसदकर अनुज शर्मा अमरेन्‍द्र नाथ त्रिपाठी अमिताभ अलबेला खत्री अली सैयद अशोक वाजपेयी अशोक सिंघई असम आईसीएस आशा शुक्‍ला ई—स्टाम्प उडि़या साहित्य उपन्‍यास एडसेंस एड्स एयरसेल कंगला मांझी कचना धुरवा कपिलनाथ कश्यप कबीर कार्टून किस्मत बाई देवार कृतिदेव कैलाश बनवासी कोयल गणेश शंकर विद्यार्थी गम्मत गांधीवाद गिरिजेश राव गिरीश पंकज गिरौदपुरी गुलशेर अहमद खॉं ‘शानी’ गोविन्‍द राम निर्मलकर घर द्वार चंदैनी गोंदा छत्‍तीसगढ़ उच्‍च न्‍यायालय छत्‍तीसगढ़ पर्यटन छत्‍तीसगढ़ राज्‍य अलंकरण छत्‍तीसगढ़ी व्‍यंजन जतिन दास जन संस्‍कृति मंच जय गंगान जयंत साहू जया जादवानी जिंदल स्टील एण्ड पावर लिमिटेड जुन्‍नाडीह जे.के.लक्ष्मी सीमेंट जैत खांब टेंगनाही माता टेम्पलेट डिजाइनर ठेठरी-खुरमी ठोस अपशिष्ट् (प्रबंधन और हथालन) उप-विधियॉं डॉ. अतुल कुमार डॉ. इन्‍द्रजीत सिंह डॉ. ए. एल. श्रीवास्तव डॉ. गोरेलाल चंदेल डॉ. निर्मल साहू डॉ. राजेन्‍द्र मिश्र डॉ. विनय कुमार पाठक डॉ. श्रद्धा चंद्राकर डॉ. संजय दानी डॉ. हंसा शुक्ला डॉ.ऋतु दुबे डॉ.पी.आर. कोसरिया डॉ.राजेन्‍द्र प्रसाद डॉ.संजय अलंग तमंचा रायपुरी दंतेवाडा दलित चेतना दाउद खॉंन दारा सिंह दिनकर दीपक शर्मा देसी दारू धनश्‍याम सिंह गुप्‍त नथमल झँवर नया थियेटर नवीन जिंदल नाम निदा फ़ाज़ली नोकिया 5233 पं. माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकार परिकल्‍पना सम्‍मान पवन दीवान पाबला वर्सेस अनूप पूनम प्रशांत भूषण प्रादेशिक सम्मलेन प्रेम दिवस बलौदा बसदेवा बस्‍तर बैंड बहादुर कलारिन बहुमत सम्मान बिलासा ब्लागरों की चिंतन बैठक भरथरी भिलाई स्टील प्लांट भुनेश्वर कश्यप भूमि अर्जन भेंट-मुलाकात मकबूल फिदा हुसैन मधुबाला महाभारत महावीर अग्रवाल महुदा माटी तिहार माननीय श्री न्यायमूर्ति यतीन्द्र सिंह मीरा बाई मेधा पाटकर मोहम्मद हिदायतउल्ला योगेंद्र ठाकुर रघुवीर अग्रवाल 'पथिक' रवि श्रीवास्तव रश्मि सुन्‍दरानी राजकुमार सोनी राजमाता फुलवादेवी राजीव रंजन राजेश खन्ना राम पटवा रामधारी सिंह 'दिनकर’ राय बहादुर डॉ. हीरालाल रेखादेवी जलक्षत्री रेमिंगटन लक्ष्मण प्रसाद दुबे लाईनेक्स लाला जगदलपुरी लेह लोक साहित्‍य वामपंथ विद्याभूषण मिश्र विनोद डोंगरे वीरेन्द्र कुर्रे वीरेन्‍द्र कुमार सोनी वैरियर एल्विन शबरी शरद कोकाश शरद पुर्णिमा शहरोज़ शिरीष डामरे शिव मंदिर शुभदा मिश्र श्यामलाल चतुर्वेदी श्रद्धा थवाईत संजीत त्रिपाठी संजीव ठाकुर संतोष जैन संदीप पांडे संस्कृत संस्‍कृति संस्‍कृति विभाग सतनाम सतीश कुमार चौहान सत्‍येन्‍द्र समाजरत्न पतिराम साव सम्मान सरला दास साक्षात्‍कार सामूहिक ब्‍लॉग साहित्तिक हलचल सुभाष चंद्र बोस सुमित्रा नंदन पंत सूचक सूचना सृजन गाथा स्टाम्प शुल्क स्वच्छ भारत मिशन हंस हनुमंत नायडू हरिठाकुर हरिभूमि हास-परिहास हिन्‍दी टूल हिमांशु कुमार हिमांशु द्विवेदी हेमंत वैष्‍णव है बातों में दम