ब्लॉग छत्तीसगढ़

16 August, 2017

सिलिंग फैन में कितने डैने होते हैं

हमारे बार में बीएसपी के रिटार्यड ला आफीसर श्री जी.एस.सिंह साहब प्रेक्टिस करते हैं। वे जितने कानून में कुशाग्र हैं उतने ही करेंट अफेयर और इतिहास की जानकारी रखते हैं। आज उन्‍होंनें सुभाष चंद्र बोस और डॉ.राजेन्‍द्र प्रसाद के संबंध में बहुत रोचक किस्‍सा बताया, हालांकि बहुत से लोग इन किस्‍सों को जानते होंगें किन्‍तु हम इसे आपके समक्ष प्रस्‍तुत कर रहे हैं। आज सुभाष चंद्र बोस के संबंध में -   
सुभाष चंद्र बोस आईसीएस की परीक्षा में अव्‍वल नम्‍बर पर पास होकर साक्षात्‍कार दिलाने साक्षात्‍कार कमेटी के समक्ष पहुंचे। कमेटी में सभी अंग्रेज अधिकारी थे, उन्‍होंनें आपस में बात की, कि, इंडियन है इनके पास अक्‍ल कहां होती है, जैसे तैसे लिखित परीक्षा में पहले नम्‍बर पर आ गया है अब साक्षात्‍कार में यह टिक नहीं पायेगा और स्‍वयं अपना पिछड़ापन स्‍वीकारेगा। 
फोटो गूगल इमेज सर्च से
सुभाष चंद्र बोस साक्षात्‍कार कमेटी के समक्ष उपस्थित हुए। चेयरमेन नें कहा कि हम आपसे एक ही प्रश्‍न पूछेंगें यदि आप इसका जवाब दे पाये तो पास, नहीं तो फेल, यदि आपको मंजूर है तो बोलो। सुभाष चंद्र बोस नें कहा कि ठीक है, पूछें।
अंग्रेज चेयरमेन नें उपर तेज गति से चल रहे  सिलिंग फेन की ओर उंगली दिखाते हुए पूछा कि बताओ इस पंखें में कितने डैनें हैं। उस समय बिजली बहुत कम जगह थी, सिलिंग फैन तो बिरले जगहों में थे तो अंग्रेज चेयरमेन सोंचते रहे कि यह कठिन सवाल है इस इंडियन को कहां पता कि सिलिंग फेन में कितने डैने हैं। 
सुभाष चंद्र बोस नें गंभीरता के साथ प्रश्‍न को सुना, चयन समिति के सदस्‍यों की आंखों में आत्‍मविश्‍वास के साथ देखा और उठ कर पंखे का स्विच जहां था वहां गए और पंखा बंद कर दिया। कुछ पलों में पंखा बंद हो गया, अब सुभाष चंद्र बोस नें पंखें की ओर उंगली दिखाते हुए कहा कि सर तीन डैनें हैं।
चयन समिति एक दूसरे का मुह ताकते रह गए, इंडियन्‍स को मूर्ख और जाहिल समझने वाले सुभाष चंद्र बोस के प्रेजेंस आफ माइंड के कायल हो गए। कहा कि तुम्‍हारा चयन पहले नम्‍बर पर होता है तुम जहां चाहते हो वहां अपनी पदस्‍थापना ले सकते हो।
आगे सुभाष चंद्र बोस नें आईसीएस ज्‍वाईन नहीं किया आप सब इसके आगे की कथा जानते हैं।
संजीव तिवारी

2 comments:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन सुभद्रा कुमारी चौहान और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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  2. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (18-08-2017) को "सुख के सूरज से सजी धरा" (चर्चा अंक 2700) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    स्वतन्त्रता दिवस और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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आपकी टिप्पणियों का स्वागत है. (टिप्पणियों के प्रकाशित होने में कुछ समय लग सकता है.) -संजीव तिवारी, दुर्ग (छ.ग.)

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