जगमग छत्‍तीसगढ़ पर संजीव तिवारी एवं अतिथि कलमकारों के विचार

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अपने ब्लॉग को सजाना अब और आसान - ब्लॉगर ने की टेम्पलेट डिजाइनर की घोषणा

गूगल ने कल ब्लॉग को मनचाहा रूप और आकार देने की प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए इंटरफेस टेम्पलेट डिजाइनर की सुविधा प्रदान की है. गूगल की घोषणा के अनुसार वह अपने ब्लॉगर उपयोगकर्ताओं को अपने ब्लॉग को सरलतम तरीके से अधिक विशिष्ट बनाने के लिए, एक अतिरिक्त सुविधा टेम्पलेट डिजाइनर के रूप मे प्रदान कर रहा है.
हममे से अधिकतर ब्लॉगर चाहते हैं कि उनका ब्लॉग सुन्दर हो, डिजाईनर हो. जबकि ब्लॉगर के डिफाल्ट टेम्पलेट ज्यादा डिजाईनर नहीं हैं. इसीलिये ज्यादातर ब्लॉगर अपने ब्लॉग मे अपनी रुचि के अनुरूप फ्री ब्लॉगर टेम्पलेट से टेम्पलेट डाउनलोड कर ब्लॉग को वेब साइट की भांति बना लेते है या बनावा लेते हैं. किंतु इसके लिये सामान्य तकनीकि कुशलता की आवश्यकता होती है, कभी कभी यह थर्ड पार्टी टेम्पलेट रंगों, शब्दों के आकार और गैजेट लगाने मे पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान नही करती. इसके अतिरिक्त यह सुविधा ब्लॉगर के द्वारा स्वयं उपलब्ध नही कराये जाने के कारण उधारी ली गयी लगती है. अब इन सबका निदान गूगल की इस सुविधा से अवश्य मिलेगा. यह सुविधा अभी ब्लॉगर इन ड्राफ्ट मे उपलब्ध है. इसके लिये आपको डैशबोर्ड से लेआउट मे जाना होगा जहा आपको टेम्पलेट डिजाइनर की नयी सुविधा इस प्रकार नजर आयेगी -
ब्लॉग का संपूर्ण चोला बदलिये

बैकग्राउंड में चित्र या रंग बदलें

मनचाहा साईडबार जोडें

साईडबार, बैकग्राउंड, टैक्स्ट रंग व टैक्स्ट आकार बदलें


बहुत ही सामान्‍य तरीके से इनका प्रयोग कर  आप अपने ब्लॉग को मनचाहा रंग-रूप दे सकते हैं. इस नए डिजाइनर सुविधा के सम्बन्ध मे विस्तृत जानकारी हम आगामी पोस्टो मे देने का प्रयास करेंगे. अभी आप अपने किसी टेस्ट ब्लाग मे इसे प्रयोग कर देखे. मैने अपने एक ब्लाग मे प्रयोग किया है और दो कालम को तीन कालम किया .

संजीव तिवारी 

31 (टिप्पणी):

pragya pandey said...

अरे वाह आपने तो बहुत अच्छे अच्छे टेम्पलेट्स से परिचय करा दिया . धन्यवाद.

ravishndtv said...

ठीक है। हम भी कुछ बदलाव करते हैं। शुक्रिया.

जी.के. अवधिया said...

अच्छी जानकारी!

ललित शर्मा said...

जोहार ले,

हमर मा नई देखावत हे गा?
तुंहरे बुलाग मा हवय-कैसे होगे?
बने जनकारी देय हव-बधई


हमर पैसा नई पटे हे:)

Amitraghat said...

शानदार.........."
amitraghat.blogspot.com

अजय कुमार झा said...

संजीव भाई ,
जो बात ललित जी ने कही है ..उहे हम हिंदी में कहत हे गा ....फ़िर से टराई करत हे गा ..

अजय कुमार झा

Mithilesh dubey said...

बढ़िया जानकारी के लिए आभार ।

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari said...

@ ललित भाई और अजय भाई आप https://www.blogger.com के स्‍थान पर http://draft.blogger.com से लागईन होवें तभी यह सुविधा मिल पायेगी.

अजय कुमार झा said...

धन्यवाद ्संजीव जी ये तो सचमुच कमाल है
अजय कुमार झा

काजल कुमार Kajal Kumar said...

धन्यवाद बहुत अच्छी जानकारी दी आपने.

संगीता पुरी said...

बहुत बढिया जानकारी मिली .. बहुत बहुत धन्‍यवाद !!

महेन्द्र मिश्र said...

बहुत अच्छी जानकारी दी...

डॉ महेश सिन्हा said...

देखते हैं गूगल बाबा का नया औज़ार

सुशील कुमार छौक्कर said...

हमारे डेशबोर्ड में तो ये आप्शन दिख ही नही रहा है जी।

वर्षा said...

अरे वाह।

सूर्यकान्त गुप्ता said...

संजीव, जय राम जी की
कतको तकनीकी जानकारी
लिखे हुए मिले पर जब तक कार्यशाला मा
खुद करके नई देखबो हम जैसे अड़हा
त आँजत आँजत कानी/काना हो जाही
त भाई एकाध दिन आ के भाई सिखोबे जी.

shashisinghal said...

अच्छी जानकारी । मैंने अपने ब्लॉग्स www,meraashiyana.blogspot.com or wwwmayanagariyase आपके बताए अनुसार डिजाइन कर लिए है । जरा आकर देखें .....

वन्दना अवस्थी दुबे said...

वाह बढिया जानकारी. हम करके देखते हैं.

shashisinghal said...

www.meraashiyana.blogspot.com है मेरा ब्लॉग का सही पता ।

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

टिप्पणी बेशक अब कर रहे हैं लेकिन आप की पोस्ट पढकर हम तो इसे पहले ही आजमा चुके हैं...बहुत बढिया लगा ये।
धन्यवाद्!

कृष्ण मुरारी प्रसाद said...

जानकारी के लिए धन्यबाद.....
लड्डू बोलता है ....इंजीनियर के दिल से
http://laddoospeaks.blogspot.com

कुमार राधारमण said...

थर्ड पार्टी टेम्पलेट मे एक दिक्कत यह भी आती है कि उन्हें बदलने का विकल्प चुनने पर वे टेम्पलेट सेव करने की सलाह देते हैं जो फिर दुबारा शायद ही ठीक से लोड हो पाता है। गूगल को चाहिए कि वह ब्लॉगरों को इस तकनीकी पचड़े से बचाए।

Udan Tashtari said...

आभार जानकारी का.

लोकेश Lokesh said...

बढ़िया जानकारी
आभार

राजकुमार सोनी said...

बंधुवर,मान्यवर और ब्लागर के देवता
अपन तो इस मामले में निपट अनाड़ी है। आपकी और आदरणीय अवधिया जी की वजह से कुछ पोस्ट वगैरह डालना सीख गए है। जितनी भी तकनीक आ रही है उसे ग्रहण करते चलिए आखिरकार उसे मेरे ही काम ही आना है। आपके तकनीकी ज्ञान को सब सलाम करते हैं.. मै तो मुरीद हूं ही। आपको शुभकामनाएं।

प्रवीण शाह said...

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बहुत ही काम की जानकारी,
आभार!

अल्पना वर्मा said...

shukriya!

dhiru singh {धीरू सिंह} said...

yah subidhaa mujhe nazar nahee aa rahi .

शरद कोकास said...

भैया हम भी बना ही लेते थे लेकिन अब आपसे बनवाने का इरादा है क्यो न एक दिन अपने ही घर पर कार्यशाला लगाये । गुप्ता जी की भी फरमाइश है ।

Ajay Tripathi said...

aap h to dijaenar man l bhukha mare ke entjam kar de havo

अभिषेक प्रसाद 'अवि' said...

achhi jaankaari ke liye shukriya...

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