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13 December, 2007

मॉं : एक कविता (श्रद्धांजली)


18 comments:

  1. मां को देवी मानकर मन में रमा लीजिए, फिर किसी और देवी की ज़रूरत नहीं पड़ती। अपनी मां ही सर्वशक्तिदायिनी हो जाती है। आपकी मां की इस पुण्यतिथि पर मेरी यही प्रार्थना है कि ईश्वर उन्हें स्वर्ग में मातृसत्ता के सिंहासन पर आरूढ करे।

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  2. मां- मृत्यु के अलावा वो आखिरी ठौर, जहां आकर व्यक्ति शांत हो जाता है, जहां से जाने की जल्दी नहीं होती, जहां कुछ और पाने की बेचैनी नहीं होती। पार्थिव रिश्तों में सबसे अलौकिक है मां। जगज्जननी दुर्गा का ही मूर्त रूप है मां। पुण्यतिथि पर आपकी माता जी को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि।

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  3. बहुत सुन्दर....अवर्ननिये

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  4. बहुत सुंदर. ममतामयी माँ को मेरी ऑर से श्रद्धा सुमन अर्पित है. नमन करता हूँ

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  5. बहुत सुंदर । शब्द छोटे पड जाते हैं । माँ के प्रति आपकी भावनाओं को समझ सकती हूँ, णाँ भी हूँ ऐर बेटी भी ।

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  6. माँ के लिए लिखा गया हर शब्द खूबसूरत है माँ सा ही
    बहुत सुंदर है यह .और शुक्रिया आपका मेरे लिखे को पसन्द करने के लिए [:)]

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  7. मेरी भी श्रद्धांजलि मित्र। जिस मनोयोग से आपने लिखा-उकेरा है उससे बहुत कुछ पता चलता है भावना जगत का।

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  8. श्रद्धांजलि उन्हें!

    बहुत सुंदर व भावपू्र्ण लिखा है आपने!!

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  9. मां सचमुच महान है।
    िबना उसके सूना जहान है।
    ....आज उस मां को श्रद्धा सुमन।

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  10. मां सचमुच महान है।
    िबना उसके सूना जहान है।
    ....आज उस मां को श्रद्धा सुमन।
    surjeet.sur@gmail.com

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  11. bahut sundar panktiyaan....prasann man se yaad kijiye unhey

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  12. श्रद्धासुमन
    माता को समर्पित
    बसे दिल में
    हर शब्द माँ की चरण वन्दना करता हुआ सा...

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  13. bahut hi marmik kavita hai ...aantima panktiya dil tak gahare utarati hai...

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  14. Lokesh Sharma (Bonn, Germany)
    जोहर ले. आप मन के कविता हा बड़ा सुघर हावे.

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  15. Aadarneey Bhaiya,

    Marm shparshi rachana hai. Aapki rachana padh kar maa ki yaad aa gayi. Main to jite ji hi aapni maa se dur ho gaya hoon.

    Aapse bahoot kuch sikhane ko milta hai.

    regards,
    Manish Kr. Pandey

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  16. mamta se paripudan...
    vatshaly se paripudan..
    dhara par iswar ka pratirup maa
    punaya tithi par ..
    unhe shadar samarpit srdha suman

    aapki kavita bahut marmik hai
    man ko chhu gaye

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  17. आप की माता जी को मेरी भी श्रद्धांजली…आप की कविता ने मुझे मेरी मां की याद दिला दी। आशा है आप की माता जी और मेरी माता जी दोनों वहां सुख से होगीं

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  18. Ma! ek chhota sa dikhne wala shabd jismein saari duniya samayi hai, unke samman mein jitna kaha jaye kam hai.

    bahut sundarta se bhaavon ki abhivyakti ki hai.

    shubhkamnayen

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आपकी टिप्पणियों का स्वागत है. (टिप्पणियों के प्रकाशित होने में कुछ समय लग सकता है.) -संजीव तिवारी, दुर्ग (छ.ग.)

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