ब्लॉग छत्तीसगढ़

20 November, 2014

एक मोबाईल नम्बर से चल रहे व्हाट्स एप्प को किसी दूसरे मोबाईल फोन से कैसे चलावें



मित्रों हममे से अधिकतम लोग दो मोबाईल नम्बर का प्रयोग करते हैं. एक का प्रयोग हम बातें करने के लिए करते हैं जो बहुत दिनों से हमारे पास है एवं जिसका नम्बर हमारे परिचितों को ज्ञात है.. और दूसरे का प्रयोग मोबाइल में इंटरनेट चलाने के लिए रखते हैं, इसे हम टेरिफ रेट के अनुसार समय समय पर बदलते रहते हैं. हमसे जुड़े लोगों को हमारा जो नम्बर पता है वे उसी में व्हाट्स एप्प की खोज पहले करते हैं इसलिए व्यवहारिक रूप में उसी नम्बर पर व्हाट्स एप्प चलाना चाहिए. यदि हम इन दोनों नम्बरों को दो सिम वाले मोबाइल फोन में उपयोग करते हैं तो उन दोनों में से किसी भी एक नम्बर पर व्हाट्स एप्प चला सकते हैं. उस नम्बर पर भी जिसमें इंटरनेट सुविधा ना हो. दो सिम वाले मोबाईल सेटों में ऐसा करने से मोबाईल की बैटरी बहुत जल्दी खत्म हो जाती है. बैटरी की समस्या का निदान पावर बैंक है किन्तु उसे ढोना अच्छा नहीं लगता. इससे अच्छा दो सिम वाले मोबाईल सेट में भी सिंगल सिम उपयोग करें, यानी दो फोन सेट प्रयोग करें. 




अब यदि आपके सार्वजनिक नम्बर में इंटरनेट की सुविधा ना हो और व्हाट्स एप्प भी आप उसी नम्बर पर चलाना चाहते हैं, तो यह संभव है. जिस दूसरे android मोबाईल सेट और नम्बर में इंटरनेट है उसमें आप अपने सार्वजनिक नम्बर का व्हाट्स एप्प उपयोग कर सकते हैं.



कैसे - अपने उस android मोबाईल फोन में नये सिरे से व्हाट्स एप्प इंस्टाल करें जिसमें इंटरनेट की सुविधा है. व्हाट्स एप्प को कानफिगर करने के क्रम में वहॉं अपना सार्वजनिक फोन नम्बर डालें. वहॉं फोन नम्बर मैच नहीं करेगा, व्हाट्स एप्प आपसे अप्रूवल के लिए दो विकल्प देगा, एक एसएमए से दूसरा फोन काल के द्वारा. आप दोनों में से कोई भी विकल्प चुन लें, आपके सार्वजनिक नम्बर में व्हाट्स एप्प से एक कोड प्राप्त होगा, उसे व्हाट्स एप्प में टाईप कर आगे बढ़ें. काम हो गया. अब आपके उस दूसरे नम्बर पर व्हाट्स एप्प चलेगा.

संजीव तिवारी 

3 comments:

  1. उपयोगी जानकारी खासकर की युवा वर्ग के लिए !
    अच्छा लगा आपके ब्लॉग पर आकर !
    मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है अगर आपको अच्छा लगे तो कृपया फॉलो कर हमारा मार्गदर्शन करे

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (22-11-2014) को "अभिलाषा-कपड़ा माँगने शायद चला आयेगा" (चर्चा मंच 1805) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच के सभी पाठकों को
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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आपकी टिप्पणियों का स्वागत है. (टिप्पणियों के प्रकाशित होने में कुछ समय लग सकता है.) -संजीव तिवारी, दुर्ग (छ.ग.)

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