ब्लॉग छत्तीसगढ़

10 August, 2010

लेह .... अब यादें ही शेष है

लेह बाजार के स्‍वागत द्वार में मित्र ऋषि तिवारी

खारदुंगला रोड में थम से गए झरने पर मेरे मित्र

हजारों किलोमीटर दूर, दुनिया के सबसे उंचे मोटरेबल रोड पर काम करते मजदूरों के मुह से गुरतुर गोठ छत्‍तीसगढ़ी सुनना कितना सुखद लगता था ............ आज छत्‍तीसगढ़ में हरेली तिहार से त्‍यौहारों का आरंभ हो रहा है ..... आकुल आंखें कमाने खाने गए बेटों का इंतजार कर रही है ......
लेह में उन छत्‍तीसगढि़या मजदूरों के साथ ही दैवीय आपदा के शिकार सभी व्‍यक्तियों को हम श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं।

14 comments:

  1. सभी मृत आत्माओं को श्रृद्धांजलि!! विकट हादसा रहा.

    ReplyDelete
  2. आत्मिक श्रृद्धान्जलि।

    ReplyDelete
  3. प्रकृति के प्रकोप के आगे कोई रास्ता नहीं है।

    मृतात्माओं को श्रद्धांजलि

    ReplyDelete
  4. शोकाकुल श्रद्धांजलि !

    ReplyDelete
  5. ... ham bhee aapke saath hain !!!

    ReplyDelete
  6. सुबह सुबह एक बालक आया नीम की पत्तियाँ लिये हुए तो पता चला आज हरेली है …। उसने वह पत्तियाँ मेरे दरवाज़े पर लगा दीं मैने उसे खूब दुआयें दीं …
    कुछ देर बाद एक और बालक आया और उसने सुबह का अखबार मेरे दरवाज़े में लगा दिया | मैने अखबार खोला तो मुखपृष्ठ पर खबर थी " लेह में फँसे सैकड़ों छत्तीसगढ़िया ...

    जो लोग इस हादसे का शिकार हुए उन्हे मैने नम आँखों से याद किया

    ReplyDelete
  7. सभी मृत आत्माओं को श्रृद्धांजलि.

    ReplyDelete
  8. श्रृद्धांजलि!

    ReplyDelete
  9. क्या आप "हमारीवाणी" के सदस्य हैं? हिंदी ब्लॉग संकलक "हमारीवाणी" में अपना ब्लॉग जोड़ने के लिए के सदस्य बनें.

    सदस्यता ग्रहण करने के लिए यहाँ चटका (click) लगाएं.

    ReplyDelete
  10. मृतात्माओं को श्रद्धांजलि

    ReplyDelete
  11. sabo chattisgharia saput man la pranam

    ReplyDelete
  12. Leh laddakh hadsa desh ke itihas me ek kala diwas ke rup me lambe samay tak yad ki jayengi...
    Rajesh suryavanshi janjgir-champa(C.G.) ek chhattissgarhiya

    ReplyDelete

आपकी टिप्पणियों का स्वागत है. (टिप्पणियों के प्रकाशित होने में कुछ समय लग सकता है.) -संजीव तिवारी, दुर्ग (छ.ग.)

loading...

Popular Posts