ब्लॉग छत्तीसगढ़

17 February, 2010

1411 बाघो के संरक्षण व संवर्धन के लिये क्या कर सकते है हम ?

CG Blog

इन दिनो टीवी से गम्भीर आवाज मे बाघो के संरक्षण व संवर्धन के लिये प्रतिदिन अंतरालो के बाद सन्देश प्रसारित हो रहा है. जिसमे बाघो के संरक्षण व संवर्धन के लिये ब्लाग लिखने के लिये भी प्रेरित किया जाता है. हम प्रत्यक्षत:  बाघो के संरक्षण व संवर्धन के किसी कार्यक्रम से जुडे नही है इस कारण इस पर कुछ लिख नही पा रहे है. जो चीज हमारे बस मे है वह  यह है कि हम इस सन्देश को आगे बढाये. इसी हेतु से हमने ब्लाग मे लगाने के लिये एक टिकट इमेज बनाया है.  नीचे दिये गये कोड को कापी कर अपने ब्लाग के एचटीएमएल गैजेट मे पेस्ट कर के अपने ब्‍लाग मे लगा सकते है और भारतीय बाघो के संरक्षण व संवर्धन मे भावनात्मक रूप से अपना सहयोग बना सकते है.

6 comments:

  1. बढिया़ प्रयास है ।

    ReplyDelete
  2. ... प्रसंशनीय कार्य, बधाई !!!

    ReplyDelete
  3. बढिया़ प्रयास........

    ReplyDelete
  4. मेरे भी कुछ मित्रों का यहीं मानना हे की यह पढ़े लिखे लोगो में जागरूकता पैदा करेगा. तो भैय्या क्या पढ़े लिखे लोग अभी तक बेबकूफ ही थे?
    .... वह देश जहाँ पर की ५0- ६० करोड जनता खाना बनाने के लिए जलाऊ लकड़ी का उपयोग करती हो उस देश में किसी भी प्रकार के संरक्षण की बात कैसे की जा सकती हे. जब सवाल आता है एक पेड़ को काटने या बचाने का की इसे काट कर चुल्हा जलाया जावे या इसे पर्यावरण के लिए छोड़ दिया जावे तो निर्णय हमेशा चूल्हे के पक्ष में होता हे. क्या हम उतनी लकड़ी रोज उगा पाते है जितनी की हम रोज जला देते हे? उत्पादन और आवश्यकता का अंतर इतना बड़ा है कि यह सब बाते जमीनी स्तर पर बेमानी सी है. क्या जलाऊ लकड़ी का कोई विकल्प है जो की अगले ५ वर्षो में जलाऊ लकड़ी की उपयोगिता को कम कर दे? यदि इस प्रश्न का हमारे पास कोई जवाब नहीं है तो बाकी की सारी बातें करना व्यर्थ हे. यह सत्ये है और इस लड़ाई को जीतने के लिए इस सत्य को झुठलाना पडेगा.
    क्षमा सहित.
    सत्येन्द्र तिवारी
    http://tigerdiaries.blogspot.com

    ReplyDelete

आपकी टिप्पणियों का स्वागत है. (टिप्पणियों के प्रकाशित होने में कुछ समय लग सकता है.) -संजीव तिवारी, दुर्ग (छ.ग.)

Popular Posts