ब्लॉग छत्तीसगढ़

Popular Posts

22 June, 2015

तमंचा रायपुरी की छत्तीसगढ़ी कविता

बेटा सोंचथे कब ददा पईसा दिही अउ नवा मोबाईल लेतेंव वोखर दाई सोंचथे कब येखर कमई बाढही अउ नवा लुगरा लेतेंव मै सोंचथव कब मोला काम मिलही ...

20 June, 2015

डा: संजय दानी "कंसल" की गज़ल : माहे- रमज़ान

रोज़ा रखो या न रखो माहे- रमज़ान में, दिल की बुराई तो तजो माहे -रमज़ान में। ख़ुशियां ख़ूब मना ली जीवन में गर तो, ग़ैरों के दुख को हरो माहे-रमज़...

10 June, 2015

पुस्तक समीक्षा : समय की नब्ज टटोलतीं लघुकथाएं

कथा साहित्य में लघुकथा के एक नई विधा के रूप में स्थापित हुए बहुत समय नहीं हुआ है। लगभग आठवें दशक से यह अधिक चर्चा में आई है। यूं पंचतंत्...

04 June, 2015

सम्मेलन : तेलुगु महासभलु

भिलाई के उर्जावान और कर्मठ aसाथी रूद्रमूर्ति लोगों से इतनी सहजता से मिलते हैं कि मिलने वालों को आभास नहीं होने देते कि वे एक साथ कई ब...