ब्लाॅग जगत में अगस्त २००६ से एवं नियिमत हिन्दी ब्लॉगिंग में अप्रैल २००७ से हूं, हिन्दी ब्लॉगिंग के आरंभिक स्पंदनों से हुंकार तक के सफर में साथ हूं. जैसा कि आप सभी जानते हैं कि मेरे ब्लॉग 'आरंभ' का यूआरएल http://www.aarambha.blogspot.in है. मेरे ब्लॉग में मुख्यत: छत्तीसगढ से संबंधी जानकारी होती है.
आज कई साथियों की शिकायत रही कि मेरे ब्लॉग में पोर्न सामाग्री है एवं पोस्ट दूसरी भाषा में है. देखने पर ज्ञात हुआ कि मेरे ब्लॉग 'आरंभ' से मिलता जुलता नेपाली भाषा का एक ब्लॉग है, उसका नाम भी अंग्रेजी में आरंभ http://arambha.blogspot.in है, उसके संचालक हैं नेपाल के पत्रकार प्रकाश गिरी जी. प्रकाश जी के इस ब्लॉग के ताजा पोस्ट में स्त्री वक्ष से संबंधित कुछ लिखा गया है और चित्र लगाए गए हैं.
मेरा ब्लॉग आपके सामने है ...
KARE KOI BHARE KOI
ReplyDeleteइसका एक मतलब ये भी हो सकता है कि आरंभिक स्पन्दन से हुंकार के जमाने तक के ब्लॉगर के रूप में आप बहुत ज्यादा अनुभवी है ! आपको नेपाली आती है और स्पेलिंग में ज़रा अंतर करके आपने नया ब्लाग बनाया है और खुद ही उसके संचालक पत्रकार प्रकाश गिरी भी बन गये हैं और उन विषयों पर लिख रहे हैं जिन पर संजीव तिवारी के नाम से नहीं लिख सकते :)
ReplyDeleteयह ध्यान देने लायक बात है कि क्षेत्रीय संस्कृति / आंचलिकता , आपका प्रिय विषय है इसलिए एक ब्लॉग में छत्तीसगढी और दूसरे ब्लाग में नेपाली का संवर्धन कर रहे हैं आप :)
ReplyDeleteहे भगवान! अब तो ये नई समस्या है. कल को हमारे हमब्लॉग नाम से भी कोई ऐसा धमाल करे तो बड़ी समस्या हो जाएगी!
ReplyDeleteAAPAKA BLOG Aarambha hai aur param aadarniy shri
ReplyDelete1oooooooooooo108 GIRI JI ka BLOG http://arambha.blogspot.in HAI.
http://aarambha.blogspot.in.
AAP PAR HAMARA BHAROSA HAI .SO AAP KUKT HAST SE
APANA YOGADAN YATHAWAT DEN .SHESH ISHWAR PAR CHHODEN.
SORRY MUKT HAST
ReplyDeleteहमें तो बस आपका ही ब्लॉग ज्ञात है।
ReplyDeleteयेल्लो... अब इसका कोई क्या करे...
ReplyDeleteलगा कि कोई माटी प्रमी ब्लागर ने आ कर आपका हाथ तो नहीं थाम लिया है.
ReplyDeleteहम भी केवल आपके 'आरम्भ' को जानते हैं, यह एक धरोहर की तरह है.
ReplyDeletekya bat hai ... filmo me hamshakl to dekha suna tha .....ab blog jagat me bhi hamnam....hamshakal.. jab diggajo ke sath ye ho rha hai to naye blogar kya kare..........
ReplyDeletechhattishgarhi bhasha, bane he sanjeev ji, nepal border dahar jhan ja......:)
अरे मेरे हम नाम से ये कौन आपको दोबार टिपिया गया ! कहीं किसी ने मेरा ब्लॉग क्लोन तो नहीं बना लिया !
ReplyDeleteसंजीव जी आप तो शरीफ आदमी हैं कौन विश्वास करेगा कि आप स्त्री के अंगों पर इतना इंटरेस्ट पब्लिकली लेंगे :)
अली जी की टिप्पणियों से असहमत होने का कोई तात्कालिक कारण समझ में नहीं आ रहा। :)
ReplyDeleteमामला कंटेंट स्पूफिंग का है , लेकिन जो भी हो, हम-नाम का यूँ ही मिलना रोचक है....
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