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01 January, 2011

रंगशिल्‍पी राष्‍ट्रीय नाट्य समारोह - 2010 : आप सभी आमंत्रित हैं

14 comments:

  1. आपको नव वर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनायें

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  2. संभवतः इस आयोजन में संस्‍कृति विभाग का सहयोग है, क्‍या यह ठीक है.

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  3. आमन्त्रण के लिये आभार।

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  4. Each age has deemed the new born year
    The fittest time for festal cheer..
    HAPPY NEW YEAR WISH YOU & YOUR FAMILY, ENJOY, PEACE & PROSPEROUS EVERY MOMENT SUCCESSFUL IN YOUR LIFE.

    Lyrics Mantra

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  5. Sanjeev Ji namaskar. Naye saal me naya kya kar rahe hain. hamari subhkamnaye aapke sath hain.

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  6. सर्वे भवन्तु सुखिनः । सर्वे सन्तु निरामयाः।
    सर्वे भद्राणि पश्यन्तु । मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत्॥

    सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें, और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े .
    नव - वर्ष २०११ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !

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  7. ... aayojan ke liye badhaai va shubhakaamanaayen !
    नया साल शुभा-शुभ हो, खुशियों से लबा-लब हो
    न हो तेरा, न हो मेरा, जो हो वो हम सबका हो !!
    ... nav varsh ki haardik badhaai va shubhakaamanaayen !!

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  8. shubhakamna...iski report awashy post kare taswiron ke sath

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  9. भईया पायलागी
    आप सहपरिवार को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं

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  10. This comment has been removed by the author.

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  11. रंगकर्म से जुडी गतिविधियों की सम्यक जानकारी के लिये आपका आभार

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  12. महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्‍वविद्यालय, वर्धा के ब्लॉग हिन्दी विश्‍व पर राजकिशोर के ३१ डिसेंबर के 'एक सार्थक दिन' शीर्षक के एक पोस्ट से ऐसा लगता है कि प्रीति सागर की छीनाल सस्कृति के तहत दलाली का ठेका राजकिशोर ने ही ले लिया है !बहुत ही स्तरहीन , घटिया और बाजारू स्तर की पोस्ट की भाषा देखिए ..."पुरुष और स्त्रियाँ खूब सज-धज कर आए थे- मानो यहां स्वयंवर प्रतियोगिता होने वाली ..."यह किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर के विश्‍वविद्यालय के औपचारिक कार्यक्रम की रिपोर्टिंग ना होकर किसी छीनाल संस्कृति के तहत चलाए जाने वाले कोठे की भाषा लगती है ! क्या राजकिशोर की माँ भी जब सज कर किसी कार्यक्रम में जाती हैं तो किसी स्वयंवर के लिए राजकिशोर का कोई नया बाप खोजने के लिए जाती हैं !

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  13. aap ko tatha sabhi blogar bandhuo ko nav varsh ki bahut bahut shubhkaamna

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आपकी टिप्पणियों का स्वागत है. (टिप्पणियों के प्रकाशित होने में कुछ समय लग सकता है.) -संजीव तिवारी, दुर्ग (छ.ग.)

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