ब्लॉग छत्तीसगढ़

18 April, 2010

ब्‍लॉगरों पर साढ़े साती शनी : और हम हिन्‍दी के भविष्‍य के लिए कुछ भी नहीं कर पाए.

आप सभी इस बात से वाकिफ हैं कि हिन्‍दी ब्‍लॉगजगत से परे अंग्रेजी व हिन्‍दी वेब जगत में ज्‍योतिष का चहुंओर बोलबाला है. गूगल सर्च पर धका-धक ज्‍योतिष से संबंधित वेबसाईट खोजे जा रहे हैं और आनलाईन कुण्‍डली बनवाकर फलित बांचा जा रहा है. मूंदरी-गंडा-ताबीज आनलाईन पेमेंट करके प्राप्‍त किए जा रहे हैं और अवसर का सहीं उपयोग करने वाले ज्‍योतिषियों के बल्‍ले बल्‍ले है. नेट में तो इन वैबमालिक लैपटापधारी सुविधासम्‍पन्‍न ज्‍योतिषियों से कभी-कभार सामना होते रहता है किन्‍तु चौंक चौराहों में फुटपात पर बैठे ज्‍योतिषियों से आपका सामना रोज होता होगा. ये अलग बात है कि हम इन्‍हें ध्‍यान दिए बगैर आगे बढ़ जाते होंगें पर हमारे मोबाईल कैमरे की नजर में गड़ गई यह तस्‍वीर आप भी देखें-
हम दरअसल लगातार टंकी में चढते व छुट्टी में जाते ब्‍लॉगरों को देखते हुए उसके पास हिन्‍दी ब्‍लॉगजगत के भविष्‍य के संबंध में 'बिचरवाने' गए थे कि क्‍या ब्‍लॉगरों पर साढ़े साती शनी का प्रभाव है. किन्‍तु फुटपात पर बैठे हस्‍तरेखा विशेषज्ञ बेदम कर रही गर्मी के चलते ग्राहक की कमी के कारण अपने स्‍वयं के भविष्‍य से बेखबर लम्‍बी तान कर सो रहा था. और ....... हम हिन्‍दी के भविष्‍य के लिए कुछ भी नहीं कर पाए.

15 comments:

  1. कितनी खुशी की बात है कि विज्ञान अब प्रयोगशालाओं से निकलकर बाहर खुले में आ गया है :-)

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  2. गरमी तो उसे भी लगती है भई..आराम करने दो..हिन्दी तो कल तरक्की पा लेगी..किसी को जल्दी तो दिख नहीं रही.

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  3. साढ़ेसाती को मं तो नही मानता हूँ!
    इसीलिए आपके ब्लॉग पर
    टिप्पणी करने चला आता हूँ!

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  4. tiwari ji apka lekh majedar hai.

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  5. संजीव जी, आपके ज्योतिषी लंबी तान कर सो रहे थे और आप ब्लोगरों के कुछ कर नहीं पाये यह भी शनिदेव के कोप के कारण ही हुआ होगा। :-)

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  6. इस गर्मी में दिमाग का सॉफ्टवेयर काम करना बन्द कर देता है ।

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  7. ज्योतिष को तो आपने नहीं जगाया बड़े भाई
    पर सोने की तैयारी करने वालों को तो सबको
    मिलकर जगाना ही होगा।

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  8. chinka nahi karne ka bhaiya,
    aap bhi aise hi laat taan ke sone ka, aur apna karm karne ka baki hindi ke bhavishya ki chinta karne wale bade bade log maujud hai na ihan
    so tension kahe lene ka ;)

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  9. तिवारी जी खूब चेताया है आपने.........अच्छे लेख के लिए धन्यवाद

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  10. तिवारी जी खूब चेताया है आपने.........अच्छे लेख के लिए धन्यवाद

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  11. ओह!
    मतलब हिन्दी ब्लॉगिंग का भविष्य अब सड़क पर तय होगा!?

    जागोssss सोने वालो :-)

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  12. वाह! बहुत बढ़िया चित्र व पोस्ट है।
    जब ये बन्धु जाग जाएँ तो हमें हमारा भविष्य भी बताइएगा। तब तक के लिए शुभ रात्रि।
    घुघूती बासूती

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  13. ज्योतिष तो हिंदी के ही प्रचारक है
    ,भाई साहब ,
    जरा सोच कर देखिये

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  14. ज्योतिष तो हिंदी के ही प्रचारक है
    ,भाई साहब ,
    जरा सोच कर देखिये

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आपकी टिप्पणियों का स्वागत है. (टिप्पणियों के प्रकाशित होने में कुछ समय लग सकता है.) -संजीव तिवारी, दुर्ग (छ.ग.)

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