ब्लॉग छत्तीसगढ़

28 October, 2009

ब्‍लाग ब्‍लागिंग और पोस्‍ट खिचडी

पिछले कुछ दिनों से हिन्‍दी ब्‍लाग में सक्रिय नहीं रह पाने का मलाल अन्‍य सुधी ब्‍लागरों की तरह मुझे भी है। पिछले कुछ दिनों की असक्रियता के समय में ना जाने कितना पानी गंगा में और शिवनाथ में बह गया, ब्‍लागवाणी विवाद से लेकर इलाहाबाद चिट्ठाकार सम्‍मेलन तक ना जाने कितने पोस्‍ट ब्‍लागवाणी और चिट्ठाजगत से होकर गुजर गए और हम बिना नहाए बिना पढे रह गए। इस बीच गूगल रीडर से पढे गए इलाहाबाद ब्‍लागर्स सम्‍मेलन के भारी टिप्‍पणीपाउ पोस्‍टों को देखकर ब्‍लागर मन पुन: मचलने लगा कि हमें भी पोस्‍ट परोसना चाहिए। छत्‍तीसगढ में ठंडी की हल्‍की पुरवाई चलने लगी है और सुबह और शाम का माहौल खुशनुमा हो चला है, ब्‍लागजगत की खिचडी भी इसी समय उबलती है और ब्‍लाग हांडियों में अलग अलग स्‍वाद के पोस्‍ट नजर आते हैं। ठंड की सुबह में हम अपने घर के खाली पडे एक हिस्‍से में ईटों से चूल्‍हा बना कर नहाने के लिए पानी गरम करते हैं अब आग की तपिश का आनंद भी लेना है और ब्‍लाग उर्जा को आत्‍मसाध करना है तो ऐसे दृश्‍य तो निर्मित होंगे ही -




बहरहाल इलाहाबाद सम्‍मेलन में हमें भी नहीं बुलाया गया था सो सभी पोस्‍टों को पढकर और फोटूओं को निहार-निहार कर खुश हो रहे हैं। इस सम्‍मेलन में हमें बुलावा नहीं मिलना हमारे लिए चिंता का विषय तो नहीं है किन्‍तु चिंतन का विषय अवश्‍य है। हम अपने कार्य की वजह से प्राय: कहीं बाहर नहीं निकल पाते सो ऐसे निमंत्रण पातियों के आने नहीं आने का कोई औचित्‍य ही नहीं रह पाता किन्‍तु यदि हमें बुलावा नहीं आया है तो इसका सीधा मतलब है कि हमें ऐसे सम्‍मेलनों और कार्यक्रमों में बुलाया जाए इसके लिये अपने स्‍वयं की समीक्षा कर ली जाए। किन्‍तु इसके लिए पोस्‍ट लिखने की आवश्‍यकता नहीं है पर यह एक बहाना है मित्रों से पोस्‍ट के माध्‍यम से दुवा-सलाम करने का।

हैप्‍पी ब्‍लागिंग मित्रों ...........

संजीव  तिवारी

16 comments:

  1. हैप्पी ब्लागिंग्।

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  2. भविष्य में भेडाघाट जबलपुर में ब्लागर्स मीट की कार्ययोजना पर होम वर्क किया जा रहा है . सभी से सहमति मिलने के बाद " मिशन ए धुंआधार " ब्लागर्स मीट आयोजित किया जावेगा . प्रयास इस तरह के किये जावेंगे की यह आयोजन विवाद रहित हो और सभी उपस्थित हो .....

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  3. देखते हैं, आप हमें कब बुलाते हैं इस खिचड़ी खाऊ सत्र में :-)

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  4. ऐ, भैया तू त बड़ा दुर्लभ फोटू लगाय दिहा.....गजब.....होए रे खिचड़ी....:)

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  5. फोटू जोरदार है. पसंद आया.
    अब जबलपुर या रायपुर देखते हैं पहिले कौन बुलाता है?

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  6. चलिए ई बढ़िया है। इसी बहाने राम-राम

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  7. वाह, वाह! फोटो पर ही लट्टू हो गये हम!

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  8. यह फोटो नहीं है.....कविता है......!!

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  9. फोटू जोरदार है.

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  10. ब्लॉग ने तस्वीर जरूर बदली है...चलिए कभी न कभी तो ब्लॉग सम्मेलन में बुलाया ही जाएगा

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  11. पहले फोटू देखकर हम चकरा ही गये पर जब आगे पढ़ा तो सारा माजरा समझ मे आ गया । :)

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  12. भाई फोटो एकदम जोरदार हे मजा आ गे छत्‍तीसगढ ले कोनो ब्‍लागि‍रहा ह ओ सम्‍मेलन म गे रहि‍स का ओ भाई कोन ये बताबे जरूर ओकर करा महौल पुछ के ही खुश हो लेबो अउ कुछु सि‍खे बर मि‍ल जाही

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  13. अरे हमको ई पोस्‍ट और आप लोगन के टिप्‍पणी पढ के मजा आ गया. आज बिहिनिया जब हमरे मेहरारू नें ई फोटू खींची तब हमें नहीं लगा था कि इसमें कउनो अट्रेक्‍सनवा है फेर भी पोस्‍ट में ठेल दिया था.

    आप सभी के स्‍नेह बरसाते टिप्‍पणियों के लिए आभार.

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  14. चूल्हा और लैपटॉप का बहुत जानदार कॉम्बिनेशन बनाया है आपने . अगले ब्लौगर सम्मलेन में आप मुख्य अतिथि होंगे .

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  15. काव्य मंजूषा पर एक संपूर्ण पोस्‍ट चूल्हा पर हम तो फ़िदा .....

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  16. संजीव तुम्हारी इस "हमें " मे हम सब भी शामिल हैं ।

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आपकी टिप्पणियों का स्वागत है. (टिप्पणियों के प्रकाशित होने में कुछ समय लग सकता है.) -संजीव तिवारी, दुर्ग (छ.ग.)

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