हिन्दी की बढती लोकप्रियता व इंटरनेट की सर्वसुलभता को देखते हुए प्रिंट मीडिया का रूझान अब आनलाईन प्रकाशन की ओर बढ रहा है । विगत दिनों छत्तीसगढ अधिवक्ता संध की एक इकाई दुर्ग अधिवक्ता संध नें विधि विषयों पर केन्द्रित एक मासिक बुलेटिन के प्रकाशन का निर्णय लिया जिससे कि सदस्यों से नियमित संपर्क भी बना रहे एवं विधिक गतिविधियों से सदस्य परिचित भी होते रहें । इस बुलेटिन के लिए जब अधिवक्ताओं से लेख आदि आमंत्रित किये जा रहे थे तब मैंनें ‘विधि एवं सूचना क्रांति’ शीर्षक से एक लेख इस बुलेटिन हेतु प्रेषित किया, संपादकों से चर्चा के दौरान पता चला कि उन्हें ब्लाग के संबंध में सामान्य जानकारी है और वे कुछ ब्लागों से परिचित भी हैं इसलिये उन्होंनें इस बुलेटिन को ब्लाग के माध्यम से आनलाईन करने का सुझाव दिया, हमने संघ को सहायता प्रदान की और इस बुलेटिन का एक ब्लाग बना दिया ।
मुझे तब बहुत खुशी हुई जब इस पत्र के पिंट प्रति के विमोचन समारोह के लिए निर्धारित तिथि दिनांक 29 जुलाई 2008 को जिला न्यायालय परिसर में स्थित संघ के ग्रंथालय में इस ब्लाग को भी समारोहपूर्वक जारी किया गया और दुर्ग अधिवक्ता संघ के लगभग 3000 पंजीकृत अधिवक्ताओं में से भारी संख्या में उपस्थित अधिवक्ताओं, साहित्यकारों व गणमान्य अतिथियों के सम्मुख राज्य के जलसंसाधन मंत्री हेमचंद यादव जी नें 'अभिभाषक वाणी' के आनलाईन ब्लाग संस्करण के ‘विजिबल टू एवरीवन’ बटन को क्लिक कर जारी किया ।
विमोचन अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री हेमचंद यादव, मंत्री जल संसाधन, आयकट, परिवहन एव श्रम विभाग, छ.ग. शासन थे एवं अध्यक्षता श्री रंगनाथ चंद्राकर, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग नें किया इस कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि श्री ए.के. निमोनकर, प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, दुर्ग व श्री विवेक रंजन तिवारी, अध्यक्ष छ.ग.अधिवक्ता परिषद व श्री रावलमल जैन 'मणि' समाजसेवा एवं साहित्यकार थे ।
इस अवसर पर 'अभिभाषक वाणी' परिवार नें सामूहिक रूप से विधि के क्षेत्र में उत्कृष्ट ब्लाग तीसरा खम्बा एवं अदालत का अवलोकन भी किया एवं विधि संबंधी हिन्दी ब्लागों को देखकर प्रसन्नता भी जाहिर की । ब्लाग के टिप्पणियों को देखकर अभिभाषक वाणी संपादक मंडल नें 'अभिभाषक वाणी' में किये गये टिप्पणियों एवं सुझावों को आगामी प्रिंट अंक में पाठक के पत्रों के रूप में स्थान देने एवं सुझावों के अनुरूप बुलेटिन को पाठकानुकूल बनाने का भी निर्णय लिया है ।
मैं हिन्दी ब्लाग के सुखद भविष्य को देखते हुए इस समाचार को आप सबों के बीच बांटना चाहता हूं, आपसे अनुरोध है कि दुर्ग अधिवक्ता संघ के नियमित ब्लाग व प्रिंट माध्यमों से बुलेटिन प्रकाशन के निर्णय पर संपादक मंडल का साहस बढायें ।
(कार्यक्रम के फोटो अभी उपलब्ध नहीं हैं जैसे ही उपलब्ध होंगें यहां लगाउंगा)
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बहुत ही सुखद और प्रेरक समाचार है ये.
ReplyDeleteसबको बहुत बहुत बधाई.
प्रस्तुति के लिए आपका आभार.
meri hardik shubhkamnayein swikar karein.
ReplyDeleteprof. ashwini kesharwani
इस सामूहिक प्रयोग के लिये बधाई व शुभकामनायें
ReplyDeleteअत्यन्त ही सुंदर प्रयास है। हमें सूचित करने के लिए आभार। दुर्ग अभिभाषक संघ का यह प्रयास देश भर के अभिभाषक संघों और अभिभाषकों का मार्गदर्शक बनेगा।
ReplyDeleteबहुत बढ़िया, बधाई!!
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