ब्लॉग छत्तीसगढ़

16 March, 2008

आनलाईन कमाई : ब्लागर्स का स्वप्न

ब्लागर्स को अपने ब्लाग लेखन के द्वारा कमाई करने के लिए अंतरजाल में कई सेवा प्रदाता बेव साईट हैं जो प्रति क्लिक के अनुसार या अन्य प्रक्रियाओं के द्वारा ब्लागर्स को राशि मुहैया कराते है । हम सब की चाहत है कि ब्लागिंग से कुछ आय हो स्वांत: सुखाय लेखनी के बासी में चटनी तो होनी ही चाहिए ।

हम यहां ऐसे सेवा प्रदाताओं के लिंक प्रदान कर रहे हैं । इनमें से ज्यादातर सेवा प्रदाता अंग्रेजी भाषा के ब्लाग के लिए ही आय का जरिया प्रदान करते हैं । हां हमारे गूगल बाबा सब पर मेहरबान हैं इसलिये उनका दामन पकडे रहने में ही भलाई (कमाई) है । गूगल एड सेंस के संबंध में हम भविष्य में कुछ जानकारी देने का प्रयास करेंगे । अभी आप इन एड सेंसों का भी भ्रमण करें मन हो तो खाता खोलें । मेरा अभी तक का अनुभव रहा है कि गूगल के अतिरिक्त अन्य सेवा प्रदाताओं से आय की संभावना अभी क्षीण है । कुछ सेवा प्रदाता प्रोजेक्ट के संबंध में लिखने पर एवं साइन इन करने पर 25 डालर तक का भुगतान करते हैं पर हमें इसका अनुभव नहीं है । पिछले दिनों श्री रवि रतलामी जी के रायपुर प्रवास में हम उनसे इस संबंध में चर्चा किये थे तो उन्होंनें बतलाया था कि यह संभव है पर अंग्रेजी भाषा के ब्लागों पर ही ।

प्रस्तुत है , मुख्य सेवा प्रदाताओं के हेडर फोटो के साथ लिंक :-

गूगल एड सेंस : इसके संबंध में आप सभी को बेहतर जानकारी है । भविष्य में हम कुछ और जानकारी आपको गूगल एड सेंस के संबंध में प्रस्तुत करेंगें

प्रोजेक्ट पे डे : लिखने पढने के शौकीनों के लिए पर अंग्रेजी वालों के लिए



ब्लागीटिव : देंखें कुछ बात बन जाय तो ।



द न्यूज रूम : वीडियो से कमाई की सोंच रहे हैं तो यहां प्रयास करें ।



स्पांसर्ड रिव्यू : स्पांसर यहां इंतजार कर रहे हैं आपका ।



स्मार्टी : स्मार्ट ब्लागर्स पधारे यहां ।



रिव्यू मी : रिव्यू करें विज्ञापन चिपकायें ।



लिंक वर्थ : लिंक विज्ञापनों का खजाना ।


लाउड लांच : लिंक व रिफरल एड ।




माई लॉट : यहीं है बडा लाट, कौन खरीददा पढता है आपका ब्लाग ।



ग्लोबल टेस्ट मार्केट : ग्लोबल परचेसर आते हैं आपके ब्लाग पर तो यहां पधारें ।



सीओ सर्वे : सर्वे करने की सोंच रहे हैं तो इसे भी पढ लें, शायद काम बन जाये ।



कमीशन जंक्शन : विज्ञापन से अच्छा कमीशन प्राप्त करना चाहते हैं ।


क्लिक सेंस : गूगल के सेंस जैसा क्लिक सेंस ।



कैश क्रैट : लिंक व रिफरल एड के लिए इसे भी देखें ।



ब्लाग्सवरर्टाइज : एक अच्छा सेवा प्रदाता विज्ञापन से कमाओ डालर ।


आक्शन एड : यदि क्रेडिट कार्ड यूजर ज्यादा पढते हैं आपको तो इसे चुनें ।



विजिगेट बक्स : बडे लोगों की बडी बातें, प्रयोग कर के देखें ।



चिटिका : चटका लगाओ पैसा कमाओ ।



अमेजन : विश्व का सबसे बडा शापिंग माल, इसके विज्ञापन से कमाओ सेंट बूंद बूद से भर लो घडा ।

6 comments:

  1. बढिया जानकारी है। पर सही मे इनसे कमाई अभी कोसो दूर है। पर अभी भी कुछ लोग हिन्दी ब्लाग से कमा रहे है। ब्लाग को बढावा देने के लिये कुछ प्रभावशाली ब्लागरो को कम्पनियाँ बकायदा पैसा दे रही है। वे इसके बारे मे अखबारो मे लिख रहे है और कार्यशालाए चला रहे है। सभी कुछ प्रायोजित है और बाजार का हिस्सा है। पता नही हम-आप कब इस बिरादरी मे शामिल होंगे। :) हो गये तो चाँदी ही चाँदी है। अभी मैने एडसेंस नही लगाया है।

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  2. बढि़या जानकारी है संजीवजी.....आगे एडसेंस पर और जानकारी का इंतजार है.

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  3. संजीव जी,बहुत ही लाभदायक जानकारी दी है।इस से ब्लोगरों का उत्साह वर्धन जरूर होगा।एडसेंस पर और अधिक जानकारी दे।आभार।

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  4. पंडित जी नेट पर चौकड़ी मारते अब तक आपको इतना तो समझ में आ ही गया होगा कि इन रास्तों से धेले की कमाई नहीं होती. उल्टे कुछ दिन आपकी उनकी दुकान दौरी अपने यहां से चलाते हैं उसके बाद ऊबकर छोड़ देते हैं. इतने में उनका काम हो जाता है.
    ये सब फर्जीबाड़ा है और कुछ नहीं. ब्लागर को कभी कुछ नहीं मिलता. जो ब्लागर कमा रहे हैं उनके रास्ते दूसरे हैं. मैंने भी उत्साह में आकर एडसेंस पर लिखना शुरू किया था. लेकिन एडसेंस वाले अधिकाँश ब्लागर दुवन्नी-चवन्नी गिन रहे हैं. इससे अच्छा है आप उस स्थान का कुछ और उपयोग करके और बेहतर रास्ते से पैसा पाने की कोशिश करें.

    ब्लागिंग तब तक कमाई का रास्ता नहीं खोलेगी जब तक आप स्तरीय लेखन नहीं करते. हो सके तो ब्लागस्पाट छोड़कर अपने डोमेन पर चले जाईये. और अपने निजी विज्ञापनदाता और सहयोगी खड़े करिए. इन लपूझन्ना उपायों से आखिरकार ब्लागर केवल हताश होंगे और मिलेगा कुछ नहीं.

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  5. लेख है तो काम का, शुक्रिया!!!

    संजय जी का कमेंट भी ध्यान देने लायक है लेकिन यह बात कि जो ब्लॉगर कमा रहे हैं वहउनके रास्ते दूसरे हैं, समझ मे नही आई!
    जब कोई हिंदी का ब्लॉगर यह कह रहा है कि एडसेंस के माध्यम से उसकी आय इतनी तो हो रही है कि उसका ब्रॉडबैंड का खर्चा आसानी से निकल आ रहा है तो फिर संशय क्यों।

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  6. बहुत अच्छी जानकारी संग्रह है संजीव। धन्यवाद।

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आपकी टिप्पणियों का स्वागत है. (टिप्पणियों के प्रकाशित होने में कुछ समय लग सकता है.) -संजीव तिवारी, दुर्ग (छ.ग.)

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