ब्लॉग छत्तीसगढ़

09 September, 2007

आलोक पुराणिक रविवारीय हरिभूमि पर

अपने चितपरिचित व लोकप्रिय व्‍यंगकार स्‍थापित चिट्ठाकार आलोक पुराणिक जी का एक व्‍यंग हरियाणा व छत्‍तीसगढ से एक साथ प्रकाशित दैनिक हरिभूमि के रविवारीय अंक में प्रकाशित हुआ है । इस प्रकाशन से छत्‍तीसगढ के सुधी पाठकों को आलोक जी के विशेष शैली के व्‍यंग को जानने व समझने को मिलेगा, हरिभूमि से साभार एवं आलोक जी को धन्‍यवाद सहित हम इसे चित्र रूप में प्रस्‍तुत कर रहे हैं

3 comments:

  1. वाह, अगड़म-बगड़म दुकान के कई फ्रेंचाइसी सेंटर हैं!

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  2. अरे वाह!!
    हरिभूमि नही आता अपने यहां इसलिए आपका शुक्रिया संजीव भैय्या जो इसे यहां उपलब्ध करवा दिया

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  3. सच में यह तो ब्रह्माडीय व्यंग्यकार हैं भाई..हर जगह छाये हैं. :)

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आपकी टिप्पणियों का स्वागत है. (टिप्पणियों के प्रकाशित होने में कुछ समय लग सकता है.) -संजीव तिवारी, दुर्ग (छ.ग.)

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